Uttarakhand

Uttarakhand:तीन जिलों में सामने आ रहे ब्लैक फंगस : स्वास्थ्य विभाग

तीन जिलों में ही सामने आ रहे ब्लैक फंगस के मामले : स्वास्थ्य विभाग
ब्लैक फंगस के सबसे ज्यादा मरीज एम्स ऋषिकेश में भर्ती
देहरादून। AIIMS अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश में ब्लैक फंगस से देहरादून निवासी एक मरीज की मौत हो गई। वहीं ब्लैक फंगस के 15 नए मरीज भी मिले हैं। एम्स में ब्लैक फंगस के अब तक 92 केस मिले हैं। इनमें से एम्स में अब सात संक्रमितों की मौत भी हो चुकी है। एम्स ऋषिकेश में ब्लैक फंगस संक्रमितों का आंकड़ा सौ के पार होने जा रहा है। एम्स ऋषिकेश के जनसंपर्क अधिकारी हरीश मोहन थपलियाल ने बताया आज देहरादून के माजरा निवासी 68 वर्षीय मरीज की उपचार के दौरान मौत हो गई। उन्होंने बताया मरीज ब्लैक फंगस के संक्रमण से ग्रस्त था। उन्होंने बताया स्वस्थ होने के बाद एक मरीज को डिस्चार्ज भी किया गया है। हरीश मोहन थपलियाल ने बताया कि अब तक संस्थान में ब्लैक के 92 मरीज मिल चुके है। इनमें सात संक्रमितों की उपचार के दौरान मौत हुई थी। जबकि दो मरीजों को स्वस्थ्य होने के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया था। उन्होंने बताया वर्तमान में म्यूकोरमाइकोसिस केयर वार्ड में 83 मरीज भर्ती है।
संक्रमितों का इलाज देहरादून, ऊधमसिंह नगर और नैनीताल जिले के अस्पतालों में चल रहा है। अब तक ब्लैक फंगस से 11 मरीजों की मौत हो चुकी है। जबकि ब्लैक फंगस से पीड़ित नौ मरीज ठीक भी हुए हैं। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में ब्लैक फंगस के 15 और मरीज मिले हैं। अभी तक तीन जिलों में ही ब्लैक फंगस के मामले सामने आ रहे हैं। सबसे ज्यादा मरीज एम्स ऋषिकेश में भर्ती है। देहरादून जिले में 126, नैनीताल में छह और ऊधमसिंह नगर जिले में एक ब्लैक फंगस का मामला सामने आया है। प्रदेश में ब्लैक फंगस के बढ़ते मामलों को देखते हुए सरकार ने अब इलाज के लिए 12 डेडिकेटिड कोविड अस्पतालों को अधिकृत किया है। सरकार की ओर से सीधे ब्लैक फंगस के इंजेक्शन व दवाइयों कोविड अस्पतालों को भेजी जाएगी। इसके अलावा प्रदेश के अन्य अस्पताल ब्लैक फंगस का इलाज करते हैं तो सरकार की तरफ से किसी तरह की कोई सहायता नहीं की जाएगी।

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