Uttrakhand :खुले में घूम रहे लंपी स्किन डिजीज से संक्रमित पशु

हल्द्वानी : गढ़वाल में लंपी वायरस से 260 से अधिक गायें मर गई हैं, वहीं कुमाऊं में भी बीमारी का प्रकाेप बना हुआ है। हालांकि विभाग के दावे हैं कि कुमाऊं में एक भी गाय की मौत नहीं हुई, लेकिन जहां-तहां शहर व गांवों में बीमारी से ग्रस्त लावारिस जानवर पड़े हैं। जिनका कोई सुधलेवा नहीं है।कुमाऊं मुख्य शहर हल्द्वानी में ही अब तक लंपी के 38 मामले मिले हैं। पशुपालन विभाग के दावे के मुताबिक 25 पशु ठीक हो चुके हैं। अन्य का उपचार चल रहा है। जबकि शहर में ही इस समय लावारिस सात-आठ लावारिस पशु गंभीर बीमारी से ग्रस्त जहां-तहां गिरे हैं। खासकर तिकोनिया, रेलवे क्रासिंग, रामलीला मैदान और कोतवाली के पास ये गायें दिख रही हैं। इसके बावजूद न ही नगर निगम इनकी सुध ले रहा है और न ही पशुपालन विभाग।चौफुला में गोसेवक जोगेंद्र राणा ने अपनी निर्माणाधीन गोशाला में छह-सात लंपी से संक्रमित गोवंशीय पशुओं को आइसोलेट किया है। उन्होंने चिंता जताई है कि कुछ पशुपालक गाय के संक्रमित होने पर उसे सड़क पर छोड़ दे रहे हैं। यह गलत है।संक्रमित मिलने वाले पशुओं का इलाज किया जा रहा है। रिकवरी रेट भी बहुत अच्छा है। अभी तक किसी भी पशु की मौत नहीं हुई है। शहर में लावारिस घूमने वाले पशुओं की जिम्मेदारी नगर निगम की है। गोसेवक की ओर से मिली सूचना पर चौफुला में लावारिस पशुओं का इलाज किया जा रहा है।