Uttarakhand

जिले के आठ सक्रिय बदमाशों के गिरोह का सत्यापन 

जिले के आठ सक्रिय बदमाशों के गिरोह का सत्यापन

जिले में सक्रिय आठ बदमाशों के गिरोह का सत्यापन पुलिस ने शुरू किया है। सभी गिरोहों की वर्तमान गतिविधियों से लेकर गुर्गो की संख्या की जानकारी जुटाई जा रही हैं। गैंग में नए गुर्गे तो शामिल नहीं हुए, इस पर भी पुलिस की नजर रहेगी।

हरिद्वार जिले में पिछले कुछ वर्षो से बदमाशों के कई गिरोह का आतंक रहा था। इनमें से कई गिरोह ऐसे हैं, जिनकी गतिविधियां अभी भी जारी है। पुलिस ने जिले के ऐसे आठ गिरोह का सत्यापन शुरू किया है। हरिद्वार शहर की ज्वालापुर कोतवाली पुलिस के अभिलेखों में सत्तार और नाजिम गैंग के नाम दर्ज हैं। इसके अलावा हरिद्वार शहर कोतवाली में संजीव उर्फ जीवा गैंग का नाम दर्ज है। वहीं रुड़की गंगनहर कोतवाली के अभिलेखो में सात बदमाशों के गैंग के नाम दर्ज हैं। इनमें विनीत शर्मा उर्फ चीनू पंडित, कुख्यात सुनील राठी गैंग, अमित मलिक उर्फ भूरा गैंग, प्रवीण वाल्मीकि गैंग तथा नरेंद्र वाल्मीकि का गैंग शामिल है। चीनू पंडित इस समय टिहरी की जेल में बंद है, जबकि सुनील राठी दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद है। वही अमित उर्फ भूरा पंजाब की जेल में बंद है। कुख्यात प्रवीण वाल्मीकि देहरादून जेल में बंद है, जबकि नरेंद्र वाल्मीकि पौड़ी जेल में बंद है। पुलिस की ओर से इन सभी के बारे में जानकारियां जुटाई जा रही हैं। शहर में इनके कितने गुर्गे हैं, उनकी गतिविधियां क्या हैं। इनकी आजीविका से जुड़ी सारी जानकारी पुलिस जुटा रही है। बताते चलें कि रुड़की में कुख्यात सुनील राठी और चीनू पंडित गैंग के बीच वर्ष 2015 में गैंगवार हुआ था। इसमे चीनू पंडित के तीन साथियों की मौत हो गई थी। वहीं कुख्यात प्रवीण वाल्मीकि और नरेंद्र वाल्मीकि भी हरिद्वार जिले में रंगदारी के मामलों को लेकर में काफी सुर्खियों में रह चुके हैं। एसएसपी डी. सेंथिल अवूदई कृष्णराज एस ने बताया कि समय-समय पर बदमाशों के बारे में जानकारी जुटाई जाती है। इसी आधार पर पुलिस इस तरह की कार्रवाई कर रही हैं।

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