कॉर्बेट प्रशासन की मनमानी आई सामने
राष्ट्रीय बाघ प्राधिकरण की अनुमति के बिना संचालित गर्जिया जोन को किया गया बंद

राष्ट्रीय बाघ प्राधिकरण की अनुमति के बिना संचालित गर्जिया जोन को किया गया बंद
देहरादून/रामनगर
जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क में बने गर्जिया जोन में अधिकारियों की मनमानी का एक मामला प्रकाश में आया है, बिना एनटीसीए (National tiger conservation authority)की अनुमति के बिना संचालित करने पर गर्जिया जोन को बंद कर दिया गया है, आपको बता दें कॉर्बेट नेशनल पार्क के बिजरानी जोन के बफर जोन में गर्जिया जोन का निर्माण किया गया था, इस मामले की जानकारी दो साल बाद पाक अधिकारियों को मिलने के बाद पार को तुरंत बंद करने की कार्रवाई की गई है, आपको बता दें पिछले कुछ समय से अधिकारियों के मनमानी ढंग से कालागढ़ में अवैध कटान और अवैध निर्माण को लेकर मामले प्रकाश में आ रहे थे जिस के बाद पूरे मामले को संज्ञान में लेते हुए तत्कालीन डी एफ ओ किशन चंद्र मिशन समेत विभाग के कई बड़े अफसरों के खिलाफ जांच चल रही है
जिम कार्बेट नेशनल पार्क एशिया में बनने वाला पहला राष्ट्रीय उद्यान है तथा यह भारत के सबसे प्रसिद्ध राष्ट्रीय उद्यान में से एक है, उत्तराखंड के रामनगर में स्थित ये पार्क 1318 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है, इस वन्य क्षेत्र में वन्यजीवों की हलचल एवं विचरण को आसानी से देखा जा सकता है, इस जोन के बंद होने से इसमें 27 नेचर गाइड समेत जोन से जुड़े तीन सौ से अधिक जिप्सी चालक और होटल व्यवसायियों का रोजगार संकट में आ गया है
