Uttarakhand:आधार सेंटर के गलती के कारण आम जनता झेल रही है कठिनाइयां ,कोई सुनने वाला नही
आम जनमानस की सुनने वाला कोई, नहीं हुआ बुरा हाल

उरगम घाटी (लक्ष्मण सिंह नेगी)
जोशीमठ :उत्तराखंड राज्य के सीमांत क्षेत्रों के लोग आधार कार्ड बनाने वाली एजेंसियों के गलत तरीके से जन्मतिथि को दर्ज करने के कारण आज दर्जनों महिलाएं एवं वृद्ध लोग दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं सरकार के द्वारा एक अभियान के तहत आधार कार्ड बनाने की प्रक्रिया शुरू की गई आधार कार्ड बनाने वाली एजेंसियों ने पैसे इकट्ठा करने के लिए भोली-भाली जनता से आधार कार्ड तो बना लिया किंतु लोगों से जन्मतिथि का सही प्रमाण नहीं मांगा और सब की जन्म तिथि 1 एक 1960 1945 करके आधार कार्ड बना दिये अब जब लोगों को आधार कार्ड और परिवार रजिस्टर की जन्मतिथि एकरूपता नहीं होने के कारण कई लोगों को किसान पेंशन विधवा पेंशन वृद्धा पेंशन का लाभ नहीं मिल पा रहा है वह दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं दर्जनों बार आधार सेंटर में भी अपनी जन्मतिथि सुधारने के लिए चले गए हैं किंतु वहां पर जन्मतिथि का संशोधन नहीं हो पा रहा है। ग्रामभेंटा की चैंता देवी के पति की मृत्यु 3 वर्ष पूर्व हो गई है किंतु उनको आज तक विधवा या बिधावा पेंशन का लाभ नहीं मिल पाया क्योंकि इनकी जन्मतिथि परिवार रजिस्टर और आधार में एकरूपता नहीं होने कारण आज तक पेंशन का लाभ नहीं मिल पाया है। दूसरी ओर भेंटा की पार्वती देवी के पति धन सिंह की मृत्यु 3 वर्ष पूर्व में हो गई है इनकी भी यही परेशानी है कि आधार कार्ड और परिवार में जन्म तिथि अलग-अलग है कई बार आधार सेंटर में जन्मतिथि सुधार के लिए आवेदन कर चुकी हैं किंतु इन्हें आज तक आधार कार्ड में संशोधन नहीं होने के कारण इन्हें विधवा पेंशन का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इसी तरह कई अन्य वृद्धि आधार कार्ड संशोधन के लिए दर-दर ठोकरें खा रहे हैं और उन्हें लाभ नहीं मिल पा रहा है वर्तमान में जोशीमठ विकासखंड के अंतर्गत सभी आधार केंद्र को बंद कर दिया गया है आधार सुधारने के लिए हर रोज जोशीमठ तहसील स्तर पर दर्जनों लोग आते हैं और सीएससी सेंटर मैं पुष्कर वापस लौट जाते हैं कई स्कूलों के विद्यार्थी भी हैं जिन्हें आधार कार्ड सुधार करना है किंतु आधार कार्ड सुधार केंद्र नहीं होने के कारण कई दिक्कतों का सामना लोगों को करना पड़ रहा है।