देहरादून से दिल्ली जिंदा कारतूस की भारी मात्रा में सप्लाई
दिल्ली पुलिस ने पकड़ी बड़ी खेप,उत्तराखंड पुलिस को खबर नहीं

देहरादून से दिल्ली जिंदा कारतूस की सप्लाई
दिल्ली पुलिस ने पकड़ी बड़ी खेप,उत्तराखंड पुलिस को खबर नहीं
देहरादून: 2000 जिंदा कारतूस के साथ दिल्ली पुलिस ने 2 लोगों को गिरफ्तार किया, इस मामले को लेकर जल्दी पुलिस ने एक बड़ी साजिश का खुलासा किया है, इस मामले का सीधा कनेक्शन उत्तराखंड की राजधानी देहरादून और हरिद्वार से जुड़ा है, देहरादून का एक आर्म्स डीलर बीते कई सालों से असलहा यूपी और अन्य जगह पर भेज रहा था, उत्तराखंड पुलिस की नाक के नीचे ये खेल काफी लंबे समय से चल रहा था, जबकि उत्तराखंड पुलिस को इसकी भनक नहीं लगपाई देहरादून से बड़ी संख्या में अवैध असला की सप्लाई की जा रही है, आपको बता दें पूर्वी दिल्ली जिला पुलिस की टीम ने बी पीछे अवध को अबे हत्यारों की तस्करी करने वाले गेम कंडा फोड़ किया है प्राप्त जानकारी के अनुसार पुलिस की टीम ने दिल्ली के आनंद विहार बस अड्डे के पास से हथियार सच करों को गिरफ्तार कर उनके पास से भारी मात्रा में अवैध हथियार और 2000 से अधिक जिंदा कारतूस बरामद किए हैं, इस मामले को लेकर दिल्ली पुलिस अब तक 6 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है इन अवैध कारतूस का सीधा कनेक्शन उत्तराखंड से बताया गया है, दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार यह गए आरोपों में से एक आरोपी को देहरादून से गिरफ्तार किया गया है जिसका नाम परीक्षित नेगी है,जोकि देहरादून में आर्म्स डीलर है, परीक्षित नेगी
देहरादून के राजीव गांधी कॉन्प्लेक्स में रॉयल गन हाउस के नाम से दुकान चलाता था था लेती यह दुकान विगत 2018 वर्ष मैं बंद हो चुकी है, इसके अलावा दिल्ली पुलिस ने हरिद्वार के एक आरोपी को रुड़की से गिरफ्तार किया है, जिसका नाम नासिर है वह परीक्षित नेगी यार अंगना उसको कारतूस सप्लाई करता था, दिल्ली पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपी राशिद और अजमल का सीधा फंक्शन परीक्षित नेगी से था राशिद और अजमल का काम परीक्षित नेगी से कारतूस प्राप्त कर आगे लखनऊ सप्लाई करने का काम था,
इस पूरे मामले की सच्चाई सामने तब आई जब शुक्रवार 10 अगस्त को दिल्ली पुलिस केस रेंज की एडिशनल कमिश्नर विक्रम जीतने इस मामले का खुलासा किया, उन्होंने बताया कि पूरे मामले की तफ्तीश शुरू करने पर इस पूरे खेल का उत्तराखंड कनेक्शन सामने आया और एक के बाद एक सारी परतें खुलती चली गई, देहरादून के आर्म्स डीलर परीक्षित नेगी ने कबूल किया है कि वह उत्तराखंड के कई गन हाउस के साथ-साथ अन्य स्रोत से गोला बारूद खरीदा था और अपने गन हाउस के रिकॉर्ड में हेरफेर करने के बाद इनकी आगे सप्लाई करता था, इस पूरे मामले की जांच के दौरान ग्रुप के तीन और सदस्यों की पहचान की गई है जो कि दिल्ली पुलिस की गिरफ्त में हैं