Uttarakhand

कुमराड़ा गांव में तालाब की जमीन पर धार्मिक स्थल बनाने को लेकर बवाल, पथराव

पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठियां भाजी।

कुमराड़ा गांव में तालाब की जमीन पर धार्मिक स्थल बनाने को लेकर बवाल, पथराव
मंगलौर : कुमराड़ा गांव में तालाब की भूमि पर बनाए अस्थायी धार्मिक स्थल को हटाने पर बवाल हो गया। भीड़ ने पुलिस टीम पर पथराव कर दिया। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठियां भाजी। बवाल के दौरान इंस्पेक्टर समेत सात से अधिक लोग घायल हो गए। पुलिस ने 26 नामजद समेत सौ से अधिक व्यक्तियों पर मुकदमा दर्ज किया है। गांव में भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है।
मंगलौर कोतवाली के ग्राम कुमराड़ा निवासी एक ग्रामीण के घर के सामने तालाब है। ग्रामीण कुछ दिनों से तालाब की भूमि पर मिट्टी डालकर भरान कर रहा था। ग्रामीण का दावा था कि इस भूमि पर उसे धार्मिक स्थल बनाना है। जानकारी मिलने पर दो दिन पहले एएसडीएम पूरण ङ्क्षसह राणा ने ग्रामीण और उसके परिवार के व्यक्तियों को बताया था कि तालाब की भूमि पर किसी तरह का निर्माण नहीं हो सकता। उन्हें समझा बुझाकर भेज दिया गया था। रात को इन्होंने तालाब की भूमि पर चबूतरा बनाकर प्रतिमा रख दी। गुरुवार सुबह जानकारी होने पर नायब तहसीलदार सुरेश कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस के आने से पहले ही वहां पर काफी संख्या में महिलाएं एकत्रित हो गई। पुलिस ने तालाब की भूमि पर बनाए गए अस्थायी धार्मिक स्थल को हटाने का प्रयास किया, तो भीड़ में शामिल महिलाओं ने पुलिस पर पथराव कर दिया। इससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। पथराव में इंस्पेक्टर यशपाल ङ्क्षसह बिष्ट, जेसीबी चालक वीरम ङ्क्षसह, कांस्टेबल पवन पुंडीर, एचसीपी ललिता खंडेलवाल घायल हो गए। पुलिस के घायल होने पर पुलिसकर्मियों ने भी पथराव करते हुए जमकर लाठियां भाजी, जिसमें कुछ ग्रामीण और महिलाएं भी घायल हो गईं। पुलिस ने भीड़ को दूर तक दौड़ाया। इस मामले में छह व्यक्ति हिरासत में लिए हैं। घायलों को उपचार दिलाया गया। भीड़ हटाने के बाद पुलिस ने जेसीबी की मदद से अवैध अतिक्रमण हटवाया। सीओ पंकज गैरोला ने बताया कि पुलिस ने नायब तहसीलदार सुरेश पाल की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया है। इस मामले में शामिल रहे आरोपितों को चिन्हित किया जा रहा है।
तालाब की भूमि पर धार्मिक स्थल को हटाने के लिए पुलिस ने ग्रामीणों को काफी देर तक समझाया। इस दौरान कई महिलाओं ने पुलिस से भी गालीगलौज और अभद्रता की। पुलिस ने अपना संयम नहीं खोया और बार-बार समझाते रहे। मौके पर महिलाओं के आगे आने से पुलिस को बैकफुट पर रहना पड़ा। जब महिलाओं ने पुलिस पर पथराव किया और पुलिसकर्मी घायल हो गए। तब जाकर पुलिस को लाठियां भाजनी पड़ी।

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