देहरादून :उत्तराखंड रत्न से शमीम आलम सम्मानित

देहरादून। उत्तराखंड पूर्व राज्य मंत्री शमीम आलम को उत्तराखंड रतन से सम्मानित किया लॉ कॉलेज साहस्तरधारा रोड देहरादून मैं एक विशाल कार्यक्रम ऑल इंडिया कॉन्फ्रेंस ओफ इंटेलिक्स के संस्थापक स्वर्गीय निधि शर्मा ने 1944 में संस्था को पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी ने इस संस्था का उद्घाटन किया था. यह संस्था आज हिंदुस्तान में विशाल रूप ले चुकी है जो हिंदुस्तान के युवा व मातृशक्ति ,पीड़ित समाज या जो गरीब लोग हैं आने वाली नस्ल के लिए भारत की संस्कृति को जागरूक करते हुए कार्य कर रही है अनेकों प्रदेश में इस तरह के कार्यक्रम यह संस्था के माध्यम से संस्था करती है और जिस प्रदेश में समाज सेवक राष्ट्र सेवक राष्ट्र रक्षा और राष्ट्रप्रेम से महानुभाव ओतप्रोत है और लगातार प्रदेश व अन्य प्रदेशों में कार्य कर रहे हैं उसमें से उत्तराखंड प्रदेश में उक्त कॉलेज में शमीम आलम पूर्व राज्य मंत्री को उत्तराखंड रतन की उपाधि से नवाजा गया है कॉलेज के अटोरियम में तालियों की गड़गड़ाहट से शमीम आलम का स्वागत किया गया. शमीम आलम ने संस्था का आभार व्यक्त किया और सभी पदाधिकारियों वह समाजसेवको का जिसमें डॉक्टर इंजीनियर एडवोकेट संस्थाओं के छोटी-छोटी संस्थाओं के जो प्रदेश उत्तर या अन्य किसी संस्था से समाज सेवा कर रहे हैं उनके संस्थापक वे सिद्धार्थ कटोरिया में कॉलेज के सैकड़ों बच्चों ने भाग लिया और सभी श्रोताओं के विचार सुने शमीम आलम ने अपने भाषण में कहां कि हमारा सौभाग्य है कि हमारा जन्म हिंदुस्तान में हुआ है और देवभूमि में पैदाइश हुई है ,हम बड़े भाग्यशाली हैं भगवान शिव जी का और ऋषि मुनियों का हम सभी पर आशीर्वाद है उन्होंने कहा की हिंदुस्तान की संस्कृति को नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री जो लोकप्रिय के साथ-साथ ओजस्वी तेजस्वी और विद्वान है. प्रधानमंत्री ने दुनिया में हिंदुस्तान का मान और सम्मान को बढ़ाते हुए आज हम कह सकते हैं कि हिंदुस्तान दुनिया में विश्व गुरु बनने के लिए आदरणीय नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में आगे बढ़ रहा है हिंदुस्तान की संस्कृति यह हिंदुस्तान की धरोहर है हम सबको इसी पर चलते हुए आगे बढ़ना है मैं समझता हूं कि हिंदुस्तान के जन जन में चाहे वह पूव से पश्चिम में हो उत्तर से दक्षिण में हो हिंदुस्तान के हिमालय से समुद्र तक तमाम हिंदुस्तान में हिंदुस्तान की संस्कृति झलकती है हिंदुस्तान में अनेकों समाज अनेको धर्मों के लोग रहते हैं और रंग अलग हो सकते हैं धर्म अलग हो सकते हैं वेशभूषा अलग हो सकती है बोलचाल अलग हो सकती है लेकिन हम सब मिलकर हिंदुस्तान की एकजुटता को दर्शाते हैं और एक फूल के गुलदस्ते की तरह एक खूबसूरत गुलदस्ता हिंदुस्तान नजर आता है आने वाली पीढ़ी को ये सब विरासत देनी है , जैसे हमारे पूर्वजों ने हमें दिया,मौजूदा पीढ़ी को मैं कहना चाहता हूं कि हमारे गुरु कूट-कूट कर हिंदुस्तान की संस्कृति को बच्चों में भरे उनके संस्कारों में डालें और मां-बाप का भी धर्म है कर्म है कि वह अपने बच्चों में संस्कार डालें ,असली, मां ,बाप, हमारे गुरु भी है,उन्होंने कहा कि हमको राष्ट्रप्रेम राष्ट्र सेवा और राष्ट्र रक्षा के मंत्र पर चलेऔर चला ऐ हिंदुस्तान एक परिवार है जिसमें 130 करोड़ समाज रहता है उसके अंदर दिलों में ब्लड में दिल और दिमाग में हिंदुस्तान की संस्कृति को डालना होगा यह देश ऋषि मुनियों का देश है और राजा विक्रमादित्य जैसे राजा भविष्य में अनेकों पैदा होंगे अंत में शमीम आलम ने कहा की हमारे राष्ट्र की संस्था के जनरल सेक्रेटरी श्रीप्रकाश निधि शर्मा जी एडवोकेट सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया नेशनल सेक्रेट्री एआईसीएआई , बे होनेबेल जस्टिस राजेश टंडन जी फार्मर हाईकोर्ट नैनीताल और लो कमिश्नर , यूके, एवं लेफ्टिनेंट जनरल के ,एम सेठ जी फॉर्मल गवर्नर को छत्तीसगढ़ प्रेसिडेंट आईसीएआई, का श्री आलम ने विशेषकर ऑल आभार जताया, इसी के साथ सभी को धन्यवाद दिया