तबलीगी जमात ने देश के साथ किया विश्वासघात?

तबलीगी जमात ने देश के साथ किया विश्वासघात?
देहरादून :क्या दुनिया में ऐसा भी कोई धर्म हो सकता है जो कानून तोड़ने की बात करें जी हां आज हम आपको एक ऐसे विषय से अवगत करा रहे हैं दुनिया में ऐसा कोई भी धर्म नहीं हो सकता जो देश तोड़ने की बात करें वैश्विक महामारी कोरोनावायरस संक्रमण के चलते निजामुद्दीन मरकज में एकत्रित हुए तबलीगी जमात के लोगों ने देश के साथ बड़ा विश्वासघात किया है विगत 10 मार्च देश में होली तो मनाई गई लेकिन कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए विशेष ध्यान रखा गया , अलग-अलग राज्य में एडवाइजरी जारी की गई थी 20 दिन पहले पूरे देश को एहसास हो गया था कि पूरे विश्व पर कोरोनावायरस का कहर टूटने के बाद अब इसका रूख भारत की ओर होने वाला है ,इतनी सब कुछ जानकारी होने के बाद भी एक ही स्थान पर हजारों लोगों को इकट्ठा करने वाले धर्म के ठेकेदार तबलीगी जमात ने देश के साथ धोखा किया है देश से झूठ बोला है निजामुद्दीन मरकज से तबलीगी जमात के 1547 लोग निकाले गए इन लोगों को दिल्ली के अलग-अलग अस्पतालों एवं क्वॉरेंटाइन सेंटर पहुंचाया गया है वही तबलीगी जमात से जुड़े 24 लोग कोरोनावायरस से पॉजिटिव पाए गए हैं दिल्ली में अब तक कुल 774 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं जिसमें से 441 लोग तबलीगी जमात के हैं ,अब आप खुद अंदाजा लगा सकते हैं इस संकट काल में कोरोनावायरस को बढ़ावा देने के लिए तबलीगी जमात ने कितना बड़ा विस्फोट किया है जबकि दूसरी ओर तबलीगी जमात से जुड़े 8 लोगों की देश के अलग-अलग हिस्सों में मौत हो चुकी है पूरे देश में तबलीगी जमात से जुड़े 84 लोग कोरोना संक्रमण पॉजिटिव पाए गए हैं आपको बता दें तबलीगी जमात से जुड़े सैकड़ों लोग देश के अलग-अलग हिस्सों में हो कर आ चुके हैं इतना कुछ होने के बाद भी देश के अलग-अलग स्थानों पर इन लोगों ने अपने आप को छुपा कर रखा जिसके लिए पुलिस प्रशासन को बड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है इस बारे में तबलीगी जमात ने अपनी सफाई देते हुए बताया कि जब सब लोग यहां पर इकट्ठा होने के लिए आ रहे थे तभी अचानक जनता कर्फ्यू लग गया और उसके बाद लॉक डाउन घोषित किया गया जिसके कारण यह लोग वापस नहीं लौट सके जबकि इस मामले में पुलिस का कहना है कि इस कार्यक्रम के आयोजकों को पुलिस के द्वारा दो बार नोटिस दिए गए थे हैरान कर देनेे वाली बात यह है कि देश के प्रधानमंत्री द्वारा के सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने के लिए बार-बार बताने के बावजूद इन लोगों कीीी समझ में बात नहीं आई , आखिर किस तरह कीी मानसिकता के है यह लोग !