Uttarakhand

उत्तराखंड:एनएचएम कर्मचारियों ने शासनादेश की प्रतियां जलाकर विरोध प्रदर्शन किया

 

नैनीताल: कोविड काल में एनएचएम कर्मचारियों को प्रोत्साहन राशि के तौर पर दस हजार रुपए देने की मुख्यमंत्री की घोषणा एक वर्ष बाद भी पूरी नहीं हो सकी। जिसके विरोध में एनएचएम कर्मचारियों ने शासनादेश की प्रतियां जलाकर विरोध प्रदर्शन किया।कर्मचारियों ने आरोप लगाए कि मुख्यमंत्री की घोषणाओं के बावजूद कर्मचारी हितों की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ऐसे में उनकी अन्य मांगों पर किस तरह विचार किया जाएगा। संगठन ने आगामी रणनीति बनाकर और अधिक उग्र आंदोलन करने की चेतावनी भी दी।गुरुवार को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संगठन के बैनर तले तमाम कर्मचारी सीएमओ कार्यालय में एकत्रित हुए। जहां कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री की घोषणा को एक वर्ष पूरा होने के बाद भी उन्हें उसका लाभ नहीं मिल पाने पर विरोध प्रदर्शन किया।कर्मचारियों ने शासनादेश की प्रतियां जलाकर जमकर रोष जताया। संगठन अध्यक्ष सौर्य नंदन जोशी ने कहा कि कोविड काल के दौरान सेवा देने पर बीते वर्ष स्थापना दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने एनएचएम कर्मचारियों को दस हजार रुपये प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की थी। जिसका शासनादेश भी जारी किया गया। मगर एक वर्ष गुजर जाने के बाद भी प्रोत्साहन राशि का भुगतान नहीं हो पाया है।प्रदेश में पूर्व से एनएचएम कर्मचारियों की चलती आ रही बीमा, पे- निर्धारण, वेतन बढ़ोतरी, एचआर पॉलिसी समेत तमाम मांगों पर भी अब तक कोई विचार नहीं किया गया। बीते सितंबर माह में स्वास्थ्य सचिव के साथ संगठन के पदाधिकारियों की बैठक पर आश्वासन तो मिले।मगर अब तक एक भी मांग में सकारात्मक निर्णय सरकार द्वारा नहीं लिया गया। उन्होंने कहा कि एनएचएम कर्मचारियों के प्रति उदासीनता बरतने का खामियाजा आगामी दिनों में सरकार को भुगतना पड़ेगा।प्रदेश स्तरीय पदाधिकारियों के साथ इस संबंध में बैठक कर आगे के निर्णय लिए जाएंगे। उन्होंने भविष्य में मांगे पूरी नहीं होने पर और उग्र आंदोलन की चेतावनी दी। प्रदर्शन करने वालों में मदन मेहरा, पंकज तिवारी, दीवान बिष्ट, हरेंद्र कठायत, सपना कांडपाल, मनोज, सुनीता भट्ट समेत तमाम कर्मचारी मौजूद रहे।

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