कुमाऊं ने दिए सर्वाधिक नकल माफिया, अब तक 15 गिरफ्तार

हल्द्वानी : उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) के नकलविहिन परीक्षा के दावों की पोल खुलकर सबके सामने आ चुकी है। अधिकारियों की ओर से तैयार चक्रव्यूह को भेदने में कुमाऊं के नकल माफिया मनोज जोशी का सबसे बड़ा हाथ है। अब तक गिरफ्तार हुए 31 नकल माफिया में 15 कुमाऊं के रहने वाले हैं।24 जुलाई 2022 को उत्तराखंड अधीनस्थ कर्मचारी चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) की परीक्षा में प्रश्नपत्र लीक होने का पर्दाफाश हुआ था। अल्मोड़ा के मनोज जोशी ने आयोग में नौकरी होमगार्ड के तौर पर सुरक्षा कर्मी की नौकरी की। इसी दौरान कर्मचारी जयजीत दास से मुलाकात हुई। यहां से शुरू हुआ पर्दाफाश का सिलसिला जारी है।एसटीएफ के अधिकारियों के अनुसार यूकेएसएसएससी के बनाए चक्रव्यूह को कुमाऊं के नकल माफियाओं ने भेदा। इनके संपर्क में गढ़वाल के पूर्व भाजपा नेता हाकम सिंह व उत्तर प्रदेश के कई बड़े नाम सामने आए। बाकी का योगदान यह है कि उन्होंने छात्रों से रुपये लेकर उन्हें प्रश्नपत्र पढ़ाकर नौकरियां दिलाई। लेकिन यूकेएसएसएससी में सेटिंग बैठाकर कुमाऊं के नकल माफिया प्रश्नपत्र आए। जो अन्य लोगों को मुहैया कराया गया। इस मामले को लेकर कांग्रेस भी दो-दो हाथ किए हुए हैं।
कुमाऊं के 15 नकल माफिया
मनोज जोशी-अल्मोड़ा
मनोज जोशी-सितारंगज
चंदन मनराल-रामनगर
गौरव नेगी-किच्छा
दीपक शर्मा-काशीपुर
महेंद्र चौहान-काशीपुर
हिमांशु कांडपाल-काशीपुर
अमरीश गोस्वामी-काशीपुर
तुषार चौहान-जसपुर
सूर्यप्रताप सिंह-जसपुर
दिनेश चंद्र जोशी-हल्द्वानी
जगदीश गोस्वामी-हल्द्वानी
शशिकांत-हल्द्वानी
बलवंत सिंह रौतेला-लोहाघाट
विनोद जोशी-सितारगंज