Uttarakhand

Uttrakhand : छोटी काशी के रूप में किया जाएगा नगर का विकास

 

बागेश्वर :जिलाधिकारी अनुराधा पाल ने कहा है कि बागेश्वर जिला धार्मिक नगरी है। सरयू, गोमती और विलुप्त सरस्वती का यह संगम है। यहां पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। यह भगवान शिव की नगरी है। इसलिए छोटी काशी के रूप में नगर का विकास किया जाएगा। कानून व्यवस्था बनाने और अपराधियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई होगी। अतिक्रमण और अवैध खनन को रोका जाएगा।सोमवार को तहसील सभागार पर आयोजित बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि पिंडारी को ट्रैक आफ द ईयर घोषित किया गया है। कौसानी, बैजनाथ, बागनाथ में धार्मिक पर्यटन को बढ़ाया जाएगा। पिंडारी, कफनी ग्लेशियर और सुंदरढूंगा घाटी में साहसिक पर्यटन को बढाएंगे। जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार भी मिलेगा। पर्यटन विभाग की समीक्षा होगी। अभी तक किए गए कार्यों का स्थलीय निरीक्षण भी करेंगे।डीएम अनुराधा पाल ने कहा कि अवैध खनन नहीं होने दिया जाएगा। खड़िया खनन से राजस्व प्राप्त होता है। वैज्ञानिक तकनीक से खनन होगा। एनटाइड फंड और खनिज न्यास से विकास कार्य आगे बढाएं जाएंगे। कुंवारी गांव के 58 लोगों को विस्थापन होगा। जनता की समस्याएं प्राथमिकता पर रहेंगी। जिसके लिए फिर से प्रत्येक माह के सोमवार को जनता दरबार आयोजित होगा। आनलाइन समस्याओं पर फोकस रहेगा। जिले की संचार सेवाएं बेहतर की जाएंगी। 97 राजस्व गांवों के लिए 34 टावार लगाए जा रहे हैं।जिलाधिकारी ने कहा कि वह प्रत्येक गांव तक पहुंचने की कोशिश करेंगी। वहां की समस्याओं का समाधान होगा। पलायन रोकने पर सरकार की योजनाएं संचालित हो रही हैं। जिसका अधिकाधिक लाभ ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाया जाएगा। सड़कों के गड्ढे भरेंगे।

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