Uttrakhand : भारतीय सेना का अंग बने कार्तिक और शुभम

नैनीताल। कार्तिक भारतीय सेना में बतौर लेफ्टिनेंट इंजीनियरिंग रेजीमेंट में शामिल हुए हैं। उनकी सफलता पर उनके स्वजनों में हर्ष की लहर है। क्षेत्रवासियों ने कार्तिक के लेफ्टिनेंट बनने पर उन्हें बधाई दी है।मूल रूप से धनियाकोट निवासी कार्तिक जोशी ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा दिल्ली के एलकोन इंटरनेशनल स्कूल से प्राप्त की। जिसके बाद उन्होंने आईपी यूनिवर्सिटी से बीटेक पूरा किया। कार्तिक ने बताया कि टेक्निकल एंट्री के तहत उनका चयन भारतीय सेना की इंजीनियरिंग रेजिमेंट में बतौर लेफ्टिनेंट हुआ है। कार्तिक के पिता कैलाश चंद जोशी यूनीटेक कंपनी में सीनियर प्रोजेक्ट मैनेजर है। कार्तिक के भारतीय सेना में चयनित होने से उनके स्वजनों और क्षेत्रवासियों में खुशी की लहर है। कार्तिक ने बताया कि उनके दादा भी सेना में 24 वर्ष सेवा दे चुके है। उनसे प्रेरणा लेकर ही उन्होंने देश सेवा के क्षेत्र में जाने का मन बनाया था।
. चंपावत विकास खंड के लधौली गांव निवासी शुभम सिंह बिष्ट ने पहले प्रयास में ही यूपीएससी द्वारा संचालित सीडीएस तथा एनसीसी डायरेट एंट्री स्कैम में सफलता अर्जित की है। उनकी इस उपलब्धि से क्षेत्र मेें खुशी की लहर दौड़ गई है।शनिवार को प्रशिक्षण पूरा होन के बाद शुभम सिंह ओटीए (ऑफीसर्स ट्रेनिंग एकेडमी) चेन्नई से प्रशिक्षण प्राप्त कर भारतीय थल सेना का अभिन्न हिस्सा बन गए हैं। इनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि रक्षा सेवाओं से जुड़ी है।इनके दादा स्व. हरक सिंह बिष्ट भारतीय नौसेना में सूबेदार रहे थे तथा पिता श्याम सिंह बिष्ट वर्तमान में सूबेदार पद पर भारतीय नौ सेना में कार्यरत हैं।शुभम बिष्ट चंपावत विकास खंड के बिरगुल के लधौली गांव के रहने वाले हैं। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय माता मीना बिष्ट एवं नाना सेवानिवृत्त अध्यापक नाथ सिंह बिष्ट को दिया है।