सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर बैरागी कैंप स्थित मंदिर किए गए ध्वस्त

बैरागी कैंप में चली पॉकलैंड मशीन, ध्वस्त किया अतिक्रमण
हरिद्वार: कनखल के बैरागी कैंप क्षेत्र से आखिरकार सोमवार को उत्तराखंड सिचाई विभाग की भूमि पर अतिक्रमण कर बनाए गए तीन मंदिरों को अतिक्रमण विरोधी दस्ते ने ध्वस्त कर दिया, हालांकि मंदिरों में स्थापित मूर्तियों को कार्रवाई शुरू होने से पूर्व ही हटाया जा चुका था। दोपहर बाद से शाम तक चली कार्रवाई के दौरान आमजन की भीड़ जुटी रही। इधर, विरोध के मद्देनजर पीएसी एवं पुलिस फोर्स मुस्तैद रही, लेकिन कार्रवाई का विरोध नहीं हुआ।
उत्तराखंड हाईकोर्ट, नैनीताल ने जिले में सरकारी भूमि पर बने कई मंदिरों को हटाने के आदेश जारी किए थे। इस आदेश की जद में कनखल के बैरागी कैंप में बने संन्यासी एवं बैरागी अखाड़ों के मंदिर भी आ गए थे, लेकिन कुंभ होने के चलते अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद श्रीमहंत हरिगिरि ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। सुप्रीम कोर्ट ने 30 मई तक अतिक्रमण को ध्वस्त कर देने की मोहलत दे दी थी। इधर, कुंभ खत्म होने के बाद जिला एवं कुंभ मेला प्रशासन को सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन कराया था इसलिए पिछले दिनों बैरागी अखाड़े दिगंबर की ओर से बनाए गए एक हनुमान मंदिर को ढहा दिया था, तब प्रशासन और पुलिस फोर्स को विरोध का सामाना करना पड़ा था। बैरागी संत भी धरने पर बैठ गए थे।
इधर, सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए संतों ने बैरागी संतों के साथ जिला प्रशासन एवं पुलिस महकमे के अधिकारियों के साथ वार्ता की थी, तब तय हुआ था कि मंदिरों से मूर्तियां हटा ली जाएंगी। उसके बाद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई कर ली जाए। रविवार को यह बात तय होने पर सोमवार को कार्रवाई होनी थी। सोमवार को उपमेलाधिकारी अंशुल कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट जगदीश लाल, सीओ सिटी अभय प्रताप सिंह, कनखल निरीक्षक कमल कुमार लुंठी, एसओ सिडकुल लखपत सिंह बुटोला की अगुवाई में अतिक्रमण को ध्वस्त करने की कार्रवाई शुरु हुई।
सबसे पहले पीले पंजे से निरंजनी अखाड़े के गंगेश्वर महादेव मंदिर के बाद अखिल भारतीय पंच निर्मोही अणि अखाड़े के हनुमान मंदिर को ध्वस्त किया गया। यहां के बाद अखिल भारतीय श्री पंच निर्वाणी अणि अखाड़े के प्राचीन हनुमान मंदिर के अतिक्रमण को भी हटाया गया। इधर, दिगंबर अखाड़े के मंदिर को पूर्व में ही हटाया जा चुका है। शाम छह बजे तक यह कार्रवाई चलती रही।