वेडिंग डेस्टिनेशन प्वाइंट के तौर पर विश्व में पहचान बना रहा उत्तराखंड

देहरादून देवभूमि उत्तराखंड की आध्यात्मिक शक्ति संत समाज को ही नहीं बल्कि आमजन को भी अपनी ओर खींच लाती है यहां की संस्कृति प्राकृतिक सौंदर्य आध्यात्मिकता वे दर्शन को महसूस करने देश दुनिया के लोग देवभूमि उत्तराखंड में आते हैं उत्तराखंड अब नया उत्तराखंड में परिवर्तित होकर डेस्टिनेशन वेडिंग का हब बनता जा रहा है विगत वर्ष होली में गुप्ता परिवार की डेस्टिनेशन वेडिंग दुनिया के आकर्षण का केंद्र बनी थी रुद्रप्रयाग जिले में स्थित भगवान शिव का मंदिर त्रिजुगीनारायण भी इंटरनेशनल वेडिंग डेस्टिनेशन के तौर पर उभर कर सामने आया है मान्यता है कि इसी जगह पर भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था
आपको बता दें कि इंग्लैंड के रहने वाले शिवानंद परम शिव भक्त हैं उत्तराखंड की वैदिक संस्कृति और सभ्यता के बहुत करीब हैं कई बार देवभूमि का दौरा कर चुके हैं शिव साधना से प्रेरित होकर ही उन्होंने अपना नाम शिवानंद रखा है
वैदिक विधि से शादी के बाद त्रिजुगीनारायण में ब्रिटिश कपल
तो हुआ यूं कि शिवानंद ने अपनी प्रेमिका अफ़रोडाइट के साथ उत्तराखंड की वादियों में वैदिक विधि से बिहार जाने की छोटी और आ पहुंचे उत्तराखंड, उत्तराखंड पहुंचने के उपरांत शिवानंद और अफ़रोडाइट त्रिजुगी नारायण मंदिर पहुंचे वहां पहुंचकर उन्होंने त्रिजुगीनारायण वैदिक वेडिंग प्लानर से संपर्क किया फॉर्चून वैदिक विधि के साथ देवभूमि उत्तराखंड स्थित त्रिजुगी नारायण मंदिर में विवाह संपन्न किया!