संकटों से घबराने की नहीं, संभलकर आगे बढ़ने की ज़रूरत — पीएम मोदी
लोकसभा में नरेंद्र मोदी ने कहा — धैर्य और संयम भारत की सबसे बड़ी ताकत, पश्चिम एशिया संकट के बीच घरेलू जरूरतों को प्राथमिकता
लोकसभा में संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत पहले भी कई बड़े संकटों का मजबूती से सामना कर चुका है, जिनमें COVID-19 महामारी जैसी वैश्विक आपदा भी शामिल है। उन्होंने कहा कि ऐसी चुनौतियों के समय देश को घबराने की बजाय धैर्य, संयम और शांति के साथ काम करना चाहिए।
प्रधानमंत्री ने कहा कि ये तीनों गुण भारत की राष्ट्रीय ताकत हैं और इन्हीं के बल पर देश हर कठिन परिस्थिति से सफलतापूर्वक उबरता रहा है।
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इसका असर वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला और ऊर्जा संसाधनों पर पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि भारत सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और आम नागरिकों पर इसका न्यूनतम प्रभाव सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठा रही है।
प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से रसोई गैस (एलपीजी) का उल्लेख करते हुए कहा कि भारी आयात निर्भरता के बावजूद सरकार घरेलू उपभोग को प्राथमिकता दे रही है ताकि देश के परिवारों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार हर जरूरी कदम उठाकर देश की आर्थिक स्थिरता और नागरिकों की आवश्यकताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी।