
नई दिल्ली। खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच यूनाइटेड किंगडम ने अपनी परमाणु ऊर्जा से संचालित पनडुब्बी HMS Anson को अरब सागर में तैनात किया है। रिपोर्ट्स के अनुसार यह पनडुब्बी लंबी दूरी तक मार करने वाली टॉमहॉक क्रूज़ मिसाइल ब्लॉक IV और अत्याधुनिक टॉरपीडो से लैस है, जिससे ब्रिटेन को क्षेत्र में किसी भी संभावित सैन्य स्थिति से निपटने की रणनीतिक क्षमता मिलती है।
बताया जा रहा है कि यह पनडुब्बी इसी महीने की शुरुआत में पर्थ, ऑस्ट्रेलिया से रवाना हुई थी और लगभग 5,500 मील की दूरी तय कर अपने वर्तमान स्थान पर पहुंची है। पनडुब्बी समय-समय पर सतह पर आकर ब्रिटेन के सैन्य मुख्यालय **परमानेंट जॉइंट हेडक्वार्टर, नॉर्थवुड से संपर्क स्थापित करती है। किसी भी मिसाइल हमले का अंतिम आदेश ब्रिटेन के प्रधानमंत्री की स्वीकृति के बाद ही जारी किया जाता है।
यह तैनाती ऐसे समय में हुई है जब खाड़ी क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ रहा है। विशेष रूप से होर्मुज़ जलडमरूमध्य को लेकर खतरे गहराते जा रहे हैं। यह जलडमरूमध्य वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि विश्व के लगभग पांचवें हिस्से का तेल इसी मार्ग से होकर गुजरता है। ऐसे में इस क्षेत्र में किसी भी सैन्य गतिविधि से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका है।
वहीं, संयुक्त राज्य विदेश विभाग ने दुनिया भर में मौजूद अमेरिकी नागरिकों, विशेषकर पश्चिम एशिया में रह रहे लोगों के लिए सतर्कता बढ़ाने की सलाह जारी की है। विभाग ने चेतावनी दी है कि ईरान समर्थित समूह दुनिया भर में अमेरिका से जुड़े ठिकानों और नागरिकों को निशाना बना सकते हैं। हाल के दिनों में अमेरिकी राजनयिक ठिकानों पर हमलों की घटनाओं ने चिंताओं को और बढ़ा दिया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव और सैन्य गतिविधियों के कारण आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुरक्षा चुनौतियां और बढ़ सकती हैं।