शाइनिंग स्टार्स ऑफ उत्तराखंड-2026: सीएम धामी ने कंटेंट क्रिएटर्स से किया संवाद,
मुख्यमंत्री आवास में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स, यूट्यूबर्स, कलाकारों और युवाओं से की चर्चा

# शाइनिंग स्टार्स ऑफ उत्तराखंड-2026: सीएम धामी ने कंटेंट क्रिएटर्स से किया संवाद, संस्कृति और पर्यटन को वैश्विक पहचान दिलाने का आह्वान
मुख्यमंत्री आवास में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स, यूट्यूबर्स, कलाकारों और युवाओं से की चर्चा; स्थानीय उत्पादों, महिला स्वयं सहायता समूहों, रिवर्स माइग्रेशन, वेडिंग डेस्टिनेशन और फिल्म शूटिंग को बढ़ावा देने पर दिया जोर।
**देहरादून।** मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित ‘शाइनिंग स्टार्स ऑफ उत्तराखंड-2026’ कार्यक्रम में प्रदेश के प्रमुख सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स, यूट्यूबर्स, कंटेंट क्रिएटर्स और मनोरंजन जगत से जुड़ी प्रतिभाओं के साथ संवाद किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोक परंपराओं, प्राकृतिक सौंदर्य, अनछुए पर्यटन स्थलों और स्थानीय उत्पादों को सोशल मीडिया के माध्यम से देश-दुनिया तक पहुंचाने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने युवाओं के सवालों का सहजता और बेबाकी से जवाब देते हुए कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म की व्यापक पहुंच और कंटेंट क्रिएटर्स की रचनात्मक क्षमता उत्तराखंड की सकारात्मक पहचान को वैश्विक स्तर पर मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। उन्होंने क्रिएटर्स से प्रदेश की विकास यात्रा का सक्रिय भागीदार बनने और तथ्यपरक एवं जिम्मेदार सामग्री के माध्यम से राज्य की विशेषताओं को सामने लाने की अपील की।
## उत्तराखंड की संस्कृति और अनछुए पर्यटन स्थलों को मिले वैश्विक पहचान
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड की पहचान केवल मसूरी, नैनीताल, ऋषिकेश और हरिद्वार जैसे प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों तक सीमित नहीं है। प्रदेश में अनेक ऐसे प्राकृतिक, धार्मिक, सांस्कृतिक और साहसिक पर्यटन स्थल हैं, जिनकी संभावनाओं से देश-दुनिया के लोग अभी पूरी तरह परिचित नहीं हैं।
उन्होंने मिलम और पिंडारी ग्लेशियर, चकराता, माणा और मलारी जैसे क्षेत्रों का उल्लेख करते हुए कहा कि कंटेंट क्रिएटर्स इन स्थलों की विशेषताओं को प्रभावी तरीके से प्रस्तुत कर पर्यटन को नई दिशा दे सकते हैं। किसी गांव, स्थानीय परंपरा या पर्यटन स्थल पर बनाई गई एक प्रभावशाली वीडियो अथवा रील स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देने और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने का माध्यम बन सकती है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर लोकप्रियता हासिल करने के लिए भ्रामक अथवा विवादित जानकारी प्रसारित करने से बचना चाहिए। दीर्घकालीन सफलता का आधार विश्वसनीयता, तथ्यपरकता और दर्शकों का विश्वास है।
## स्थानीय उत्पादों और महिला स्वयं सहायता समूहों को मिलेगा नया बाजार
मुख्यमंत्री ने कहा कि सोशल मीडिया उत्तराखंड की महिलाओं, स्थानीय शिल्पकारों और स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने का सशक्त माध्यम बन सकता है। प्रदेश की महिलाएं कठिन परिस्थितियों में भी पारंपरिक हुनर और स्थानीय संसाधनों के आधार पर आर्थिक गतिविधियों में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।
उन्होंने ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ ब्रांड और ‘वन डिस्ट्रिक्ट, टू प्रोडक्ट्स’ जैसी पहलों का उल्लेख करते हुए कंटेंट क्रिएटर्स से स्थानीय उत्पादों, हस्तशिल्प, पारंपरिक धातु के बर्तनों और पहाड़ी व्यंजनों को अपनी डिजिटल सामग्री में स्थान देने का आग्रह किया।
मुख्यमंत्री के अनुसार, स्थानीय उत्पादों को बनाने वाले कारीगरों की मेहनत, पारंपरिक ज्ञान और उत्पादों की विशेषताओं को दुनिया के सामने लाने से नए ग्राहक तैयार हो सकते हैं। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होने के साथ पारंपरिक शिल्प और स्थानीय विरासत के संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।
## राज्यहित और भावी पीढ़ियों का कल्याण बड़े फैसलों का आधार
कार्यक्रम के दौरान नकल विरोधी कानून, समान नागरिक संहिता और मदरसा बोर्ड से संबंधित निर्णयों पर पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री का दायित्व पूरे राज्य और उसकी जनता के प्रति होता है। इसलिए किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय पर विचार करते समय उसके दूरगामी प्रभावों और आने वाली पीढ़ियों के हितों को ध्यान में रखना आवश्यक है।
समान नागरिक संहिता का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि कानून तैयार करने की प्रक्रिया में व्यापक जनसुझाव लिए गए और लगभग तीन लाख लोगों के विचारों को संकलित किया गया। उन्होंने महिलाओं के अधिकारों और समानता को मजबूत करना इस पहल के महत्वपूर्ण उद्देश्यों में शामिल बताया।
वहीं, नकल विरोधी कानून के संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि पेपर लीक और परीक्षा में अनियमितताओं से मेहनती युवाओं का विश्वास प्रभावित होता है। सरकार की जिम्मेदारी है कि युवाओं को पारदर्शी व्यवस्था मिले और उनकी योग्यता एवं मेहनत का सम्मान हो। उन्होंने राज्य में पारदर्शी भर्ती व्यवस्था को मजबूत करने तथा हजारों युवाओं को सरकारी सेवाओं में अवसर मिलने का भी उल्लेख किया।
## रिवर्स माइग्रेशन और होमस्टे से पहाड़ में रोजगार की संभावनाएं
पहाड़ों से पलायन और रिवर्स माइग्रेशन पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन, होमस्टे, स्थानीय उत्पादों और स्वरोजगार से जुड़े अवसर लोगों को अपने गांवों में रहकर आजीविका अर्जित करने में मदद कर सकते हैं।
उन्होंने इस संदर्भ में लगभग 44 प्रतिशत रिवर्स माइग्रेशन का आंकड़ा साझा किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन स्थलों पर सुविधाओं का विस्तार होने से स्थानीय युवाओं के लिए गाइड, टैक्सी सेवा, भोजनालय, होमस्टे और अन्य व्यवसायों में अवसर पैदा हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी, स्थानीय उद्यमिता और पर्यटन गतिविधियों के विस्तार के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा सकता है। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के लोगों को अपने ही क्षेत्र में आगे बढ़ने और रोजगार प्राप्त करने के अधिक अवसर मिलें।
## उत्तराखंड को वैश्विक वेडिंग डेस्टिनेशन बनाने पर जोर
कार्यक्रम में उत्तराखंड को विवाह समारोहों के लिए प्रमुख गंतव्य के रूप में विकसित करने से जुड़े सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में वेडिंग टूरिज्म की व्यापक संभावनाएं हैं।
उन्होंने त्रियुगीनारायण, मसूरी, देहरादून, ऋषिकेश, रामनगर और मुक्तेश्वर जैसे स्थलों का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तराखंड का प्राकृतिक और आध्यात्मिक परिवेश विवाह समारोहों के लिए विशेष आकर्षण रखता है।
मुख्यमंत्री ने बेहतर होटल सुविधाओं, सड़क संपर्क, हवाई सेवाओं और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को विवाह पर्यटन के विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कंटेंट क्रिएटर्स से उत्तराखंड की खूबसूरती और सांस्कृतिक विशेषताओं को विवाह पर्यटन के संभावित गंतव्य के रूप में प्रचारित करने का आग्रह किया। साथ ही इस दिशा में नीति को अधिक प्रभावी बनाने के लिए युवाओं के सुझावों का स्वागत किया।
## फिल्म शूटिंग और फिल्म सिटी की संभावनाओं पर कलाकारों से चर्चा
फिल्म जगत से जुड़े कलाकारों ने उत्तराखंड में फिल्म सिटी स्थापित करने और फिल्म निर्माण से संबंधित सुविधाओं का विस्तार करने का सुझाव दिया। कलाकारों का कहना था कि प्रदेश में प्राकृतिक दृश्यों और विविध भौगोलिक परिस्थितियों के कारण फिल्म शूटिंग की अच्छी संभावनाएं मौजूद हैं।
मुख्यमंत्री ने कलाकारों के सुझावों को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि उत्तराखंड में फिल्म और मनोरंजन उद्योग से जुड़ी गतिविधियों को आगे बढ़ाने की संभावनाओं पर काम किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि फिल्म निर्माण से स्थानीय कलाकारों, तकनीशियनों, युवाओं, होटल व्यवसायियों और अन्य सेवा प्रदाताओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं। प्रदेश की प्राकृतिक विविधता और सांस्कृतिक परिवेश को फिल्म निर्माण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण अवसर के रूप में विकसित किया जा सकता है।
## बेहतर कनेक्टिविटी और नए पर्यटन स्थलों के विकास पर फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए केवल प्रचार पर्याप्त नहीं है, बल्कि संबंधित स्थलों तक पहुंचने की सुविधा, सड़क संपर्क, हवाई सेवाएं और अन्य बुनियादी व्यवस्थाएं भी जरूरी हैं।
उन्होंने दिल्ली-देहरादून मार्ग पर बेहतर कनेक्टिविटी, पंतनगर एयरपोर्ट के विकास तथा पर्वतीय क्षेत्रों में हेलीपैड और हेली सेवाओं के विस्तार की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख किया।
मुख्यमंत्री ने माणा, चकराता और हनोल जैसे क्षेत्रों की पर्यटन संभावनाओं को सामने लाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि नए पर्यटन स्थलों की पहचान और वहां बुनियादी सुविधाओं के विस्तार से स्थानीय लोगों की आजीविका को मजबूती मिल सकती है।
## ग्रामीण पृष्ठभूमि से मुख्यमंत्री तक का सफर, युवाओं को दिया आत्मनिर्भरता का संदेश
संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने अपनी जीवन यात्रा के अनुभव भी साझा किए। उन्होंने अपने ग्रामीण परिवेश, शुरुआती शिक्षा और जीवन में आई चुनौतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि कठिन परिस्थितियां व्यक्ति को आगे बढ़ने और जिम्मेदारियां निभाने की सीख देती हैं।
मुख्यमंत्री ने युवाओं से मेहनत, अनुशासन और आत्मनिर्भरता को जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि खाना बनाना, अपने दैनिक कार्य स्वयं करना और विभिन्न जिम्मेदारियों को समझना व्यक्ति को आत्मनिर्भर बनाता है।
उन्होंने कहा कि सफलता के लिए मेहनत और अनुशासन के साथ कठिन परिस्थितियों से सीखने की क्षमता भी जरूरी है। युवाओं को अपनी पृष्ठभूमि अथवा सीमित संसाधनों को बाधा मानने के बजाय उन्हें अपनी ताकत बनाना चाहिए।
## अनुशासित जीवनशैली और जनता का विश्वास ऊर्जा का स्रोत
अपनी व्यस्त दिनचर्या और ऊर्जा बनाए रखने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि योग, ध्यान, शारीरिक गतिविधि, संतुलित खानपान और नियमित दिनचर्या सक्रिय जीवन के लिए महत्वपूर्ण हैं।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के रूप में बैठकों, क्षेत्रीय भ्रमण और जनसमस्याओं के समाधान से जुड़े कार्यों के बीच समय का बेहतर प्रबंधन आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता के बीच जाना, लोगों का स्नेह प्राप्त करना और उनका विश्वास महसूस करना उन्हें निरंतर काम करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सक्रियता और कार्य के प्रति समर्पण से प्रेरणा मिलने की बात भी कही।
## आगामी कुंभ की तैयारियों में श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा पर जोर
हरिद्वार में आगामी कुंभ की तैयारियों को लेकर पूछे गए सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि कुंभ करोड़ों लोगों की आस्था और धार्मिक परंपराओं से जुड़ा महत्वपूर्ण आयोजन है। इसलिए श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा कि कुंभ की तैयारियों में घाटों के विकास, यातायात प्रबंधन, पार्किंग, आवागमन, सुरक्षा और स्वच्छता जैसी व्यवस्थाओं पर ध्यान दिया जा रहा है। साधु-संतों और संबंधित पक्षों के साथ संवाद एवं समन्वय भी आयोजन की सफलता के लिए महत्वपूर्ण है।
मुख्यमंत्री ने कंटेंट क्रिएटर्स से कुंभ की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्ता को सकारात्मक ढंग से प्रस्तुत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के बड़े आयोजन पर्यटन, स्थानीय व्यापार और सेवा क्षेत्र को भी प्रोत्साहित करते हैं।
## कंटेंट क्रिएटर्स को किया सम्मानित
‘शाइनिंग स्टार्स ऑफ उत्तराखंड-2026’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विभिन्न कंटेंट क्रिएटर्स को सम्मानित किया और उनकी उपलब्धियों की सराहना की। उन्होंने युवाओं से सोशल मीडिया का उपयोग केवल मनोरंजन और लोकप्रियता तक सीमित न रखते हुए समाज को जोड़ने, स्थानीय प्रतिभाओं को मंच देने और प्रदेश की सकारात्मक पहचान मजबूत करने के लिए करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में प्रसिद्ध गायक पवनदीप राजन, यूट्यूबर सौरव जोशी, अवंतिका भट्ट, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर तनु रावत, आरजे काव्या, प्रियंका कंडवाल और आशा नेगी सहित उत्तराखंड के विभिन्न कंटेंट क्रिएटर्स, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स, गायकों, अभिनेताओं और फिल्म जगत से जुड़ी प्रतिभाओं ने प्रतिभाग किया।
कार्यक्रम के माध्यम से राज्य सरकार और डिजिटल क्रिएटर्स के बीच संवाद एवं सहयोग की संभावनाओं को सामने लाया गया। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि युवा अपनी रचनात्मकता और डिजिटल पहुंच के माध्यम से उत्तराखंड की संस्कृति, पर्यटन, स्थानीय उत्पादों और विकास की कहानियों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने में योगदान देंगे।