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भारत में LGBTQ+ लोगों के रक्तदान पर नियम को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

LGBTQ+ समुदाय से जुड़े लोगों को रक्तदान करने से रोकने वाले नियमों को चुनौती दी गई है।

 

विवेक वर्मा

नई दिल्ली: Supreme Court of India में हाल ही में उस याचिका पर सुनवाई हुई जिसमें LGBTQ+ समुदाय से जुड़े लोगों को रक्तदान करने से रोकने वाले नियमों को चुनौती दी गई है।

केंद्र सरकार ने अदालत को बताया कि ये नियम National Blood Transfusion Council (NBTC) की गाइडलाइन्स के अनुसार बनाए गए हैं। इन गाइडलाइन्स में कुछ समूहों को “हाई-रिस्क डोनर” की श्रेणी में रखा गया है, जिनमें पुरुष-से-पुरुष यौन संबंध रखने वाले लोग (MSM), सेक्स वर्कर्स और इंजेक्शन से नशीले पदार्थ लेने वाले लोग शामिल हैं।

 

सरकार का कहना है कि यह नियम रक्त की सुरक्षा सुनिश्चित करने और HIV व अन्य रक्त से फैलने वाली बीमारियों के खतरे को कम करने के लिए बनाए गए हैं।

 

वहीं याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि आधुनिक जांच तकनीकों के दौर में इस तरह का प्रतिबंध भेदभावपूर्ण है और इसे बदला जाना चाहिए।

 

इस मामले में अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनी हैं और इस मुद्दे पर आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।

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