Vivek verma

विदेशी कॉल को भारतीय नंबर में बदलकर छिपाई जा रही थी पहचान
देहरादून/बाजपुर।
उत्तराखंड में पहली बार SIM Box के जरिए संचालित अवैध टेलीकॉम गेटवे का STF ने भंडाफोड़ किया है।
STF की साइबर कुमाऊँ यूनिट ने ऊधमसिंहनगर के बाजपुर में कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है।
विदेशी कॉल… भारतीय नंबर! आखिर कैसे चल रहा था पूरा खेल?

STF के मुताबिक आरोपी SIM Box के जरिए विदेशी और VoIP कॉल्स को भारतीय लोकल मोबाइल कॉल में बदल रहा था।
यानी कॉल विदेश से आ रही थी, लेकिन सामने वाले के मोबाइल पर भारतीय मोबाइल नंबर दिखाई देता था।
इस तकनीक के जरिए कॉल करने वाले की वास्तविक पहचान और लोकेशन छिपाने का प्रयास किया जा रहा था।
एक कमरे में टेलीकॉम का पूरा अवैध नेटवर्क!
STF ने बाजपुर के मुडिया, ईदगाह के पास स्थित एक मकान पर दबिश दी।
मौके से बरामदगी ने जांच एजेंसियों को भी चौंका दिया।

02 SIM Box…
77 एंटीना…
114 Airtel SIM…
इंटरनेट राउटर…
मोबाइल फोन और दर्जनों टेलीकॉम उपकरण।
STF ने मौके से कादिर पुत्र जाबिर अली, उम्र करीब 24 वर्ष, निवासी मुरादाबाद, उत्तर प्रदेश को गिरफ्तार किया है।
बांग्लादेश तक जुड़े तार!
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी के बांग्लादेश के साइबर अपराधियों से संपर्क की जानकारी सामने आई है।
STF के अनुसार आरोपी को इस नेटवर्क के जरिए आर्थिक लाभ मिलने की बात भी सामने आई है।
पूछताछ में यह भी सामने आया कि यह अवैध टेलीकॉम गेटवे करीब सात महीने से संचालित किया जा रहा था।
क्या डिजिटल अरेस्ट के पीछे भी SIM Box का इस्तेमाल?
STF की जांच में SIM Box के इस्तेमाल का एक गंभीर पहलू सामने आया है।
इस तकनीक का इस्तेमाल—
डिजिटल अरेस्ट,
फर्जी अधिकारी बनकर ठगी,
विदेशी/VoIP कॉल को लोकल नंबर दिखाने
और साइबर अपराधियों की पहचान छिपाने
जैसे मामलों में किए जाने की बात सामने आई है।
पहले भी SIM Box मामले में गिरफ्तार हो चुका है आरोपी
STF के मुताबिक कादिर पहले भी साइबर अपराधियों के संपर्क में रहा है।
वर्ष 2023 में थाना कटघर, मुरादाबाद में SIM Box के जरिए अवैध टेलीकॉम गेटवे संचालित करने के मामले में उसकी गिरफ्तारी हो चुकी है।
इसके अलावा उसके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट का मामला भी दर्ज है।
फर्जी दस्तावेजों पर सिम… अब नेटवर्क की जड़ तक पहुंचेगी STF
STF अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है।
जांच के दायरे में—
विदेशी संपर्क,
बैंक खाते,
फर्जी दस्तावेजों पर जारी सिम,
सिम उपलब्ध कराने वाले एजेंट,
अन्य सहयोगी
और साइबर अपराधियों का पूरा नेटवर्क
शामिल है।
STF की बड़ी कार्रवाई, लेकिन जांच अभी जारी
STF के मुताबिक अवैध SIM Box नेटवर्क सिर्फ कॉल को डायवर्ट करने का मामला नहीं है, बल्कि इसके जरिए टेलीकॉम व्यवस्था, सरकारी राजस्व और साइबर सुरक्षा को नुकसान पहुंचाने का खतरा भी रहता है।
उत्तराखंड STF की यह कार्रवाई ऐसे नेटवर्क के खिलाफ तकनीकी और साइबर फॉरेंसिक क्षमता के इस्तेमाल का बड़ा उदाहरण मानी जा रही है।
अब बड़ा सवाल यह है—
114 सिम कार्ड आखिर किन-किन लोगों के नाम पर थे?
इनसे कितनी कॉल्स की गईं?
और बांग्लादेश से जुड़े इस नेटवर्क के तार उत्तराखंड से कहां-कहां तक फैले हैं?
इन सवालों के जवाब STF की आगे की जांच से सामने आएंगे।एंकर ओपनिंग के लिए शार्प वन-लाइनर:
“विदेशी कॉल आई… लेकिन मोबाइल पर दिखा भारतीय नंबर! उत्तराखंड में पहली बार SIM Box के जरिए चल रहे ऐसे ही अवैध टेलीकॉम गेटवे का STF ने किया भंडाफोड़—114 सिम, 77 एंटीना और बांग्लादेश तक जुड़े साइबर नेटवर्क के तार!”