निवेश के नाम पर 1.31 करोड़ की ठगी का खुलासा
एसटीएफ उत्तराखंड ने राष्ट्रीय साइबर गिरोह के 3 आरोपियों को किया गिरफ्तार
देहरादून, 26 मार्च 2026 — उत्तराखंड की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की साइबर क्राइम टीम ने निवेश के नाम पर ठगी करने वाले एक बड़े राष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
स्पेशल टास्क फोर्स उत्तराखंड के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह के निर्देशन में चलाए गए अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। पुलिस के अनुसार, पौड़ी गढ़वाल के श्रीनगर निवासी एक व्यक्ति को साइबर ठगों ने निवेश पर अधिक लाभ का लालच देकर अलग-अलग बैंक खातों में करीब 1 करोड़ 31 लाख रुपये जमा करवा लिए।
इस मामले में साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। तकनीकी विश्लेषण के दौरान पुलिस ने बैंक खातों, मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी के जरिए आरोपियों की पहचान की।
जांच के बाद पुलिस ने महाराष्ट्र के ठाणे और पालघर क्षेत्र से जुड़े तीन आरोपियों — प्रतीक उत्तम बाफना, आशीष कुमार और मोहम्मद श्रीम उर्फ नासिर — को गिरफ्तार किया। तीनों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।
पुलिस जांच में सामने आया कि यह गिरोह लोगों को फर्जी निवेश योजनाओं, यूट्यूब सब्सक्रिप्शन और टेलीग्राम आधारित प्लेटफॉर्म्स के जरिए झांसा देता था। पहले छोटे-छोटे लाभ दिखाकर भरोसा जीतता और फिर बड़ी रकम निवेश करने के लिए प्रेरित करता था।
एसटीएफ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने जनता से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल, वीडियो कॉल या फर्जी निवेश ऑफर से सावधान रहें। उन्होंने कहा कि कोई भी सरकारी एजेंसी ऑनलाइन गिरफ्तारी नहीं करती है, इसलिए ऐसे झांसे में न आएं।
पुलिस ने यह भी सलाह दी है कि किसी भी साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें या आधिकारिक पोर्टल cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।
इस कार्रवाई को उत्तराखंड पुलिस की साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है, जो लगातार बढ़ते ऑनलाइन फ्रॉड के मामलों पर लगाम लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
