लॉक डाउन के उल्लंघन करने पर 7 लोगों पर मुकदमा दर्ज।।

हरीश थपलियाल
उत्तरकाशी।। लॉकडाउन के दौरान बेवजह सड़कों पर घूमने वालों के खिलाफ रविवार को पुलिस ने सख्ती बरतते हुए अभियान चलाया। इस दौरान पुलिस ने डुंडा और चिन्यालीसौड़ में नियमों का उल्लघंन करने वालों के विरुद्ध कार्यवाही की गई। सीओ कमल सिंह पंवार ने बताया कि 22 मार्च के बाद लॉकडाउन के नियमों का उल्लंघन करने पर दर्जनों वाहनों का चालान किया गया और कई वाहन सीज किए गये हैं। साथ ही 188 के तहत भी मामले पंजीकृत किए गए हैं। लॉकडाउन के दौरान बेवजह घूमने पर डुंडा ब्लॉक के जुगुल्डी गांव के पांच लोगों के खिलाफ 188 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। वहीं एसओ धरासू विनोद थपलियाल ने बताया कि सोमवार को धरासू थाना क्षेत्र के अंतर्गत सुलिठाग और बड़ेथी वार्ड के दो लोगों के विरुद्ध 188 का मुकदमा किया गया है। ये दोनों लोग अपने घरों पर श्रमिकों से मजदूरी करवा रहे थे। जो लॉक डाउन का उल्लंघन है। उन्होंने बताया कि यदि किसी भी प्रकार से लॉक डाउन का उल्लंघन किया गया तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही होगी।।
क्या है धारा 188
पुलिस ऐसे लोगो के खिलाफ भारतीय दंड संहिता, 1860 की धारा 188 के तहत कार्रवाई करेगी। इस धारा के तहत लॉकडाउन का उल्लंघन करने वाले पर 1000 रुपये का जुर्माना या छह महीने तक कारावास की सजा हो सकती है। महामारी रोग अधिनियम, 1897 का अधिनियम 3 किसी भी विनियमन या आदेश की अवज्ञा के लिए दंड प्रदान करता है। ये भारतीय दंड संहिता की धारा 188 के अनुसार हैं। इस धारा के अंतर्गत लोक सेवक द्वारा प्रख्यापित किसी आदेश की अवज्ञा करने वाले व्यक्ति को दण्डित करने का प्रावधान है। इस धारा के तहत दोषी पाए गए व्यक्ति को छह महीने तक की जेल की सजा दिए जाने का प्रावधान है। वैसे इस सेक्शन के तहत एक माह के साधारण कारावास या जुर्माना या जुर्माने के साथ कारावास की सजा दोनों हो सकते हैं, यह जुर्माना 200 रुपये से 1000 रुपए तक हो सकता है। 6 महीने की सजा तब बनती है, जब अवज्ञा मानव जीवन, स्वास्थ्य , सुरक्षा के लिए खतरे का या दंगे का कारण बनती है।