भारत का तेल भंडार सिर्फ कुछ दिनों के लिए पर्याप्त, ऊर्जा सुरक्षा पर बढ़ी चिंता
रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार पूरी क्षमता पर केवल 9.5 दिन चलने लायक; कच्चे तेल के आयात पर भारी निर्भरता बनी चुनौती
की ऊर्जा सुरक्षा को लेकर चिंताजनक जानकारी सामने आई है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय से प्राप्त ताज़ा आरटीआई जवाब के अनुसार, देश के रणनीतिक तेल भंडार (Strategic Oil Reserves) पूरी क्षमता पर केवल लगभग 9.5 दिनों की मांग को ही पूरा कर सकते हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक वर्तमान में ये भंडार लगभग 64 प्रतिशत भरे हुए हैं, जिससे वास्तविक उपलब्धता घटकर करीब 5 दिनों की रह गई है। ऐसे समय में जब पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ रहा है और वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की आपूर्ति जोखिम में है, यह स्थिति भारत के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत अपनी कुल कच्चे तेल की जरूरत का लगभग 85 से 88 प्रतिशत हिस्सा आयात करता है। ऐसी स्थिति में अंतरराष्ट्रीय बाजार में किसी भी प्रकार का संकट, युद्ध या आपूर्ति बाधित होने पर देश की अर्थव्यवस्था और ईंधन आपूर्ति पर सीधा असर पड़ सकता है।
ऊर्जा क्षेत्र के जानकारों का कहना है कि बढ़ती वैश्विक अनिश्चितताओं को देखते हुए भारत को अपने रणनीतिक तेल भंडार को और मजबूत करने तथा आयात निर्भरता कम करने की दिशा में तेजी से कदम उठाने की आवश्यकता है।