उत्तराखंड :वनकर्मी पर वन्यजीव सुरक्षा अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज

अल्मोड़ा : मरचूला क्षेत्र में मृत मिले बाघ की मौत वनकर्मी के फायरिंग करने से हुई थी। मामले में वनकर्मी पर वन्यजीव सुरक्षा अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे अटैच कर दिया गया है। साथ ही विभाग ने मामले में कमेटी बनाकर जांच बैठा दी है।बता दें मंगलवार की रात एक बाघ मरचूला बाजार में घुस आया था। इसकी सूचना स्थानीय लोगों ने वन विभाग को दी जिसके बाद मौके पर पहुंचे वनकर्मियों ने बाघ को वहां से भगाने के लिए फायर झोंका था। गोली लगने से सुबह बाघ ने दम तोड़ दिया।मंगलवार की रात करीब सवा नौ बजे एक मादा बाघ मरचूला बाजार में घुस आई थी। इसकी सूचना क्षेत्राधिकारी, मंदाल रेंज को दी गई। रेंजर तत्काल टीम के साथ मौके पर पहुंचे। इस दौरान पहले हो हल्ला कर बाघ को भगाने का प्रयास किया गया। जब बाघ वहां से भागा नहीं तो वन दरोगा मोहन चन्द्र भटट ने 315 बोर की सरकारी राइफल से 9 राउण्ड हवाई फायर किया गया। लेकिन बाघ वहां से जंगल की ओर जाने की बजाय लोगों के घरों और दुकानों में घुसने की कोशिश करने लगा।लोगों की जान माल की सुरक्षा को देखते हुए वन आरक्षी धीरज सिंह ने अपनी 12 बोर की बन्दूक से दो राउण्ड झोंका। फायर के छरे बाघ के दाहिने जांघ पर जा लगे। इसकी सूचना मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक उत्तराखण्ड को उसी समय दे दी गई। मामले में उन्होंने इस प्रकरण की दो दिनों के भीतर प्राथमिक जांच कर निर्देशित करने का आदेश जारी किया है। बाघ के शव का बेला रेस्क्यू सेण्टर पर मंगलवार को ही पोस्टमार्टम कराया गया।वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत बाघ की मृत्यु मामले में धीरज सिंह पर केस दर्ज कर उसे कालागढ़ टाइगर रिजर्व प्रभाग में सन्धीखाल से सम्बद्ध कर दिया गया है।