एनएचएम कर्मचारियों को पांच माह से नहीं मिला वेतन, फीता बांधकर विरोध जताया

हल्द्वानी : नैनीताल जिले में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत कार्यरत 426 कर्मचारी पांच माह से वेतन नहीं मिलने से परेशान हैं। सरकार की कार्यप्रणाली से आहत एनएचएम संविदा कर्मचारी संगठन ने आज से काला फीता बांधकर विरोध जताने की चेतावनी दी है।डा. सुशीला तिवारी राजकीय चिकित्सालय में संचालित एसएनसीयू (सिक नियोनेटल केयर यूनिट) के कर्मचारियों ने आठ सितंबर से कार्य बहिष्कार को लिखा है। इससे अस्पताल प्रबंधन में खलबली मच गई है और नवजात के इलाज के लिए वैकल्पिक व्यवस्था को लेकर तैयारी भी शुरू कर दी है।एसटीएच में एनएचएम के तहत 24 बेड का एसएनसीयू है। यह हर सफल भरा रहता है और कई तीमारदार अपने नवजात के इलाज के लिए प्रतीक्षा में रहते हैं। इस यूनिट में लंबे समय से दक्ष डाक्टर व नर्सिंग स्टाफ है। इन्होंने मेडिकल कालेज के प्राचार्य से लेकर सीएमओ को पत्र लिखा है कि वेतन नहीं मिलने पर आठ सितंबर से कार्य बहिष्कार पर चले जाएंगे। इस पत्र के बाद एसटीएच प्रबंधन असमंजस में है।एनएचएम के तहत क्षय रोग के अलावा बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम समेत कई राष्ट्रीय कार्यक्रम संचालित हैं। कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने के असर इन स्वास्थ्य कार्यक्रमों पर पड़ेगा। मरीजों को परेशानी होगी।एनएचएम संविदा कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष सरयू नंदन जोशी का कहना है कि हमारी मांगों पर सरकार को गंभीरता से ध्यान देना चाहिए। पांच महीने से वेतन नहीं मिला है। यह गंभीर स्थिति है।पहले एक साल में अनुबंध का विस्तार होता था, लेकिन अब प्रतिमाह अनुबंध विस्तार करने का औचित्य समझ से परे है। सात सितंबर से काला फीता बांधकर विरोध जताएंगे और 12 सितंबर को देहरादून में महानिदेशालय कार्यकालय का घेराव करेंगे।एसटीएच के चिकित्सा अधीक्षक प्रो. जीएस तितियाल का कहना है कि एसएनसीयू में कार्यरत एनएचएम कर्मियों ने आठ सितंबर से कार्य बहिष्कार पर जाने की चेतावनी दी है। वहां पर 24 नवजात भर्ती रहते हैं। इसलिए वैकल्पिक व्यवस्था का भी इंतजाम किया जा रहा है।एनएचएम के निदेशक डा. सरोजनी नैथानी ने बताया कि कर्मचारियों का वेतन को लेकर मामला चल रहा है। इसका समाधान निकल गया है। वेतन जारी करने वाले फाइल पर साइन हो चुके हैं। एक-दो दिन में वेतन सभी को मिल जाएगा। हड़ताल पर जाने की नौबत नहीं आएगी।