कर्मचारियों ने किया काली पट्टी बांधकर काम
देहरादून। चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी संघ (चिकित्सा व स्वास्थ्य सेवाएं) ने विभिन्न लंबित मांगों के समाधान के लिए मोर्चा खोल दिया है। प्रदेशभर में कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर काम किया। देहरादून जनपद में कर्मचारियों ने दून मेडिकल कालेज चिकित्सालय स्थित ब्लड बैंक के बाहर प्रदर्शन किया। संघ के प्रदेश अध्यक्ष दिनेश लखेड़ा ने कहा कि चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी कोरोनाकाल में अग्रिम पंक्ति में रहकर काम कर रहे हैं, लेकिन सरकार, शासन व विभाग उनकी मांगों को लेकर गंभीर नहीं है। कई दिन पहले आंदोलन का नोटिस दिया गया था, लेकिन अब तक किसी भी स्तर से वार्ता की पहल नहीं की गई। इससे कर्मचारियों में नाराजगी है। उन्होंने कहा कि उद्यान विभाग के माली की भांति हाईस्कूल से कम शिक्षा वाले कर्मचारियों को टेक्नीकल घोषित किया जाए। लैब सहायक, डार्करूम सहायक, ओटी सहायक, ड्रेसर आदि पदों पर कार्यरत कर्मचारियों को हाईस्कूल व इंटरमीडिएट पास कर्मचारियों की भांति 50 फीसद कोटे के तहत पदोन्नति का लाभ दिया जाए। संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष नेलशन कुमार अरोड़ा व जिलाध्यक्ष गुरुप्रसाद ने कहा कि चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की लंबित मांगों का समाधान नहीं किया जा रहा है। 50 फीसद पदोन्नति पर समझौता होने के बाद भी इसे कम कर 25 फीसद कर दिया गया। नर्सेज संवर्ग की भांति चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को भी पौष्टिक आहार भत्ता दिया जाए। जोखिम भत्ता दस लाख रुपये करने की मांग भी की। प्रदेश उपाध्यक्ष नेलशन कुमार अरोड़ा ने कहा कि कर्मचारी चरणबद्ध तरीके से आंदोलन करेंगे। इसके तहत 19 जुलाई तक कर्मचारी काली पट्टी बांधकर काम करेंगे। 20 से 24 जुलाई तक संघ पदाधिकारी अपने जिलों में जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन देंगे। 26 व 27 जुलाई को कर्मचारी उपस्थिति पंजिका में हस्ताक्षर कर सीएमओ कार्यालय व अस्पताल में प्रदर्शन कर दो घंटे का कार्य बहिष्कार करेंगे। 29 जुलाई को स्वास्थ्य महानिदेशालय, आयुर्वेद विवि व आयुर्वेद एवं होम्योपैथी निदेशालय में धरना देंगे। 30 जुलाई से वह बिना अन्न-जल ग्रहण किए कार्य करेंगे।