व्यापारियों ने निकाली पर्यटन उद्योग की शव यात्रा
बाजारों से होकर निकली शव यात्रा पर व्यापारियों ने फूल चढ़ाए।

व्यापारियों ने निकाली पर्यटन उद्योग की शव यात्रा
हरिद्वार :चारधाम और कांवड़ यात्रा आरंभ कराए जाने के लिए उच्च न्यायालय में प्रदेश सरकार की कमजोर पैरवी से नाराज व्यापारियों व पर्यटन व्यवसायियों ने पर्यटन उद्योग की शव यात्रा निकाली। साथ ही उत्तराखंड पर्यटन कार्यालय के समक्ष सांकेतिक तौर पर उत्तराखंड पर्यटन की मौत पर शोक व्यक्त किया। बाजारों से होकर निकली शव यात्रा पर व्यापारियों ने फूल चढ़ाए।
संयुक्त मोर्चा पर्यटन उद्योग व्यवसाय के तत्वावधान में व्यवसायी उत्तराखंड पर्यटन कार्यालय राही होटल में एकत्र हुए और यहां से खड़खड़ी श्मशान घाट तक पर्यटन उद्योग की शव यात्रा निकाली। शव यात्रा में टैक्सी-मैक्सी यूनियन, टूर-आपरेटर एसोसिएशन, ट्रैवल ट्रेड एसोसिएशन, ट्रांसपोर्ट यूनियन, टेंपो ट्रैवलर एसोसिएशन, धर्मशाला समिति, होटल व्यापारी आदि संगठनों के पदाधिकारी एवं सदस्य शामिल हुए। बाकायदा कंधों पर पर्यटन उद्योग की अर्थी उठाकर प्रदर्शन करते हुए हरकी पैड़ी होते हुए खड़खड़ी शमशान घाट पहुंचे और अर्थी को गंगा स्नान करवा कर अंतिम संस्कार किया। अभिषेक अहलूवालिया ने कहा कि यदि सरकार अपना पक्ष उच्च न्यायालय में ठीक से रखती तो चारधाम यात्रा पर रोक नहीं लगती। टैक्सी-मैक्सी यूनियन के अध्यक्ष गिरीश भाटिया ने कहा कि सभी टैक्सी गाड़ियां लगातार दूसरे वर्ष जस की तस खड़ी हैं। अरविद खनेजा ने कहा कि सरकार पर्यटन व्यवसाय से जुड़े सभी लोग को उचित आर्थिक सहायता दे। विजय शुक्ला एवं संजय शर्मा ने कहा कि सरकार ने पर्यटन व्यापारियों को कहीं का नहीं छोड़ा। उत्तराखंड परिवहन महासंघ के पदाधिकारियों ने भी अपना पूर्ण समर्थन देते हुए कहा कि वे पर्यटन व्यवसायियों के संघर्ष पर साथ हैं।