26 मई को मनाई जायगी बुद्ध पूर्णिमा ,बुद्ध पूर्णिमा के दिन बन रहे ये दो शुभ योग : आचार्य सुशांत राज

26 मई को मनाई जायगी बुद्ध पूर्णिमा ,बुद्ध पूर्णिमा के दिन बन रहे ये दो शुभ योग : आचार्य सुशांत राज
देहरादून। डॉ० आचार्य सुशांत राज ने जानकारी देते हुये बताया की बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए बुद्ध पूर्णिमा खास महत्व रखता है। इस दिन को बौद्ध पर्व के रूप में मनाते हैं। बुद्ध पूर्णिमा हर साल वैशाख महीने के पूर्णिमा तिथि को मनाई जाती है। बुद्ध के जीवन की तीन अतिमहत्वपूर्ण घटनाएं जन्म, संबोधि लाभ व महापरिनिर्वाण वैशाख पूर्णिमा को ही घटित हुईं। ऐसा महापुरूषों के जीवन में ही संभव हो सकता है। इसलिए बौद्ध धर्म के लोग इस दिन को त्योहार के रूप में मानते हैं। लेकिन दूसरीबार लॉकडाउन के कारण भगवान बुद्ध की 2565वीं बुद्ध जयंती (बुद्ध पूर्णिमा) के मौके सामूहिक समारोह का आयोजन नहीं होगा।
वैशाख पूर्णिमा 26 मई को है। इसी दिन महात्मा बुद्ध का जन्म हुआ था। इसलिए इस दिन को बुद्ध पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। बुद्ध पूर्णिमा को स्नान-दान करने का विशेष महत्व है। बुद्ध पूर्णिमा के दिन किया गया दान बहुत लाभकारी होता है। वैशाख महीने की पूर्णिमा के दिन ही भगवान बुद्ध का जन्म हुआ था। बौद्ध धर्म के लोग बौद्ध जयंती के रूप में मनाते हैं।
डॉक्टर आचार्य सुशांत राज ने जानकारी देते हुये बताया की इस वर्ष बुद्ध पूर्णिमा के दिन दो शुभ योग बन रहे हैं। इस साल बुद्ध पूर्णिमा के दिन रात 10 बजकर 52 मिनट तक शिव योग रहेगा। इसके बाद सिद्ध योग शुरू हो जाएगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सर्वार्थ सिद्धि योग किसी शुभ कार्य करने के लिए शुभ मुहूर्त होता है। अगर किसी शुभ कार्य के लिए शुभ मुहूर्त नहीं मिलता तो इस योग में किया जा सकता है। मान्यता है कि इस दो शुभ योग में किए गए कामों में सफलता मिलती है।
डॉक्टर आचार्य सुशांत राज ने जानकारी देते हुये बताया की वैशाख पूर्णिमा के दिन गंगा स्नान का विशेष महत्व है। इस दिन किसी भी पवित्र नदी में स्नान किया जाता है। इसके बाद श्री हरि विष्णु की पूजा की जाती है। इस दिन धर्मराज की पूजा करने की भी मान्यता है। मान्यता हैं कि सत्यविनायक व्रत से धर्मराज खुश होते हैं। धर्मराज मृत्यु के देवता हैं, इसलिए उनके प्रसन्न होने से अकाल मौत का डर कम हो जाता है। मान्यता है कि पूर्णिमा के दिन तिल और चीनी का दान शुभ होता है। इस दिन चीनी और तिल दान करने से अनजान में हुए पापों से भी मुक्ति मिलती है।
बुद्ध पूर्णिमा के दिन चंद्रमा वृश्चिक राशि और सूर्य वृषभ राशि में विराजमान रहेंगे। इस दिन सूर्य नक्षत्र रोहिणी रहेगा, जबकि नक्षत्र पद अनुराधा और ज्येष्ठा रहेगा।
पूर्णिमा तिथि 25 मई 2021 दिन मंगलवार की रात 08 बजकर 30 मिनट से शुरू होगी और 26 मई दिन बुधवार की शाम 04 बजकर 43 मिनट तक रहेगी।
शुभ मुहूर्त में करें दान :-
ब्रह्म मुहूर्त सुबह 03 बजकर 54 मिनट से 04 बजकर 35 मिनट तक।
विजय मुहूर्त दोपहर 02 बजकर 22 मिनट से 03 बजकर 16 मिनट तक।
गोधूलि मुहूर्त शाम 06 बजकर 41 मिनट से 07 बजकर 05 मिनट तक।
अमृत काल 04 बजकर 08 मिनट से 05 बजकर 32 मिनट तक।
सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह 05 बजकर 17 मिनट से रात 01 बजकर 16 मिनट तक।
अमृत सिद्धि योग 27 मई की सुबह 05 बजकर 17 मिनट से 01 बजकर 16 मिनट तक।