Covid-19 second wave : निकल गया पीक, खतरा अभी बरकरार
नई दिल्ली। Covid-19 दूसरी लहर का सामना कर रहे भारत के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। लगातार चार दिनों तक भारत में कोरोना के 4 लाख से अधिक नए मामले सामने आने के बाद अब दो दिनों से इसमें गिरावट दर्ज की जा रही है। इस महामारी से जूझ रहे देशवासियों के लिए ये एक अच्छा संकेत है। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक देश में बीते 24 घंटों के दौरान 3,48,421 कोरोना के नए मामले सामने आए हैं। इस आधार पर विशेषज्ञ भी इस बात को कह रहे हैं कि देश में कोरोना की दूसरी लहर का पीक peak अब निकल चुका है। देश में फरवरी में कोरोना के मरीजों की संख्या में तेजी आनी शुरू हुई थी। देश में दूसरी लहर का पीक या उच्चतम स्तर अब खत्म हो चुका है। अब मामलों में धीरे-धीरे ही सही गिरावट दर्ज की जाएगी। हालांकि राष्ट्रीय स्तर पर दूसरी लहर का पीक जरूर खत्म हो चुका है लेकिन राज्य के स्तर पर अभी ये पूरी तरह से समाप्त नहीं हुआ है। कुछ राज्यों में इस दूसरी लहर का पीक जहां आ चुका है वहीं कुछ ऐसे भी राज्य हैं जहां अब भी इसका आना बाकी है। लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर ये कहा जा सकता है कि ये दौर अब निकल चुका है,
हालांकि खतरा अभी तक टला नहीं है।
कोई भी लहर वायरस के बदलते स्वरूप पर
निर्भर करती है। यदि वायरस का म्यूटेशन लगातार जारी रहता है तो इसके आने की संभावना बनी रहती है। वहीं इसकी एक दूसरी वजह ये भी बनती है कि जिन लोगों में अभी इम्यूनिटी बनी है यदि वो कुछ समय के बाद खत्म हो जाती है तो भी इसकी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि ऐसी स्थिति में वायरस का बदलता स्वरूप इन लोगों को दोबारा चपेट में ले सकता है। हालांकि पहली और दूसरी लहर के बाद भी कुछ लोग ऐसे हैं जो इसकी चपेट से बाहर रहे हैं। ऐसे में तीसरी लहर में उनके भी दायरे में आने की संभावना अधिक है। इसके अलावा नवजात बच्चे भी इसकी एक आसान पहुंच होते हैं। तीसरी लहर की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है, लेकिन इसको रोका भी जा सकता है। इसके लिए हमें तेजी से लोगों का वैक्सीनेशन करना होगा। अधिक से अधिक वैक्सीनेशन होने की सूरत में वायरस का खतरनाक रूप इससे बदल जाएगा और हम इस पर लगाम लगाने में सफल हो जाएंगे।